कुछ रोग और उसके उपचार आयुर्वेदिक तरीके से

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में आधा सिर दुखना आम बीमारी हो गई है उसका एक उपचार है जो बहुत ही सरल है।                                                                                                                (१ )आधासीसी (आधा सिर दुखना)# शुद्ध देसी घी और चीनी में बनी हुई जलेबी रात को कांसे के बर्तन में दूध में भिगो ना चाहिए रात भर से छत पर रखना चाहिए जिससे चंद्रमा की किरणें उस पर पड़े प्रातः स्नान कर अधिकार अनुसार संध्या पूजा के पश्चात भगवान को निवेदन करके जितनी वह हजम हो सके खानी चाहिए इससे आपका आधासीसी का दर्द एकदम से खत्म हो जाएगा।                                                                                                         (२) (शुगर की बीमारी)# इस रोग में दूध दही से बचना चाहिए इसमें ना अधिक बैठना चाहिए ना अधिक लेटना रहना चाहिए अधिक नींद भी नहीं लेनी चाहिए अधिक से अधिक पोस्ट अभ्रक भस्म शहद के साथ लेनी चाहिए रात्रि में सोते समय एक तोला त्रिफला सदा जल के साथ लेना चाहिए बिना दवाई के भी शुगर रोग गर्मी के दिनों में चैत्र मास से भद्र पत्र तक जौ की रोटी खाने से अश्वनी से फागुन तक बाजरे की रोटी मूंग की दाल मेथी बालक बथुआ और चौलाई का साग खाने से मिल सकती है।                                                                                  (३)( दमा  )# लोग बाग कहते हैं कि दमादम के साथ ही जाता है लेकिन इसका एक उपचार है जो बहुत ही अच्छा है इसमें कपूर रस और अभ्रक एक एक रत्ती लेना चाहिए सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं करना चाहिए तेल से तली हुई वस्तुएं नहीं खानी चाहिए भारी वस्तु भी नहीं लेनी चाहिए                                                                                                                                                                 (४)( एग्जिमा )# कपूर और नारियल तेल तथा नींबू का रस समान मात्रा में सिलबट्टे पर अच्छे से पीस लें ले लेप की तरह बन जाए इसका दिन में दो बार प्रयोग करना चाहिए इससे एग्जिमा एकदम से ठीक हो जाता   है।                                                                                                                            (५) (आंखों की एक अचूक दवा )#सभी प्रकार के आंखों के रोग में नींबू के रस को मिश्री की एक तार की चाशनी में डालकर ठंडा कर लें सादे कांच की शीशी में भर लें इसे काजल की तरह दिन में दो बार आंखों में लगाएं किसी भी प्रकार का आंख का रोग होगा ठीक हो जाएगा         

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