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प्राणायाम
स्वास को गहरा और लंबा करें धीरे-धीरे श्वास लें धीरे-धीरे श्वास छोड़ें अपने चित्त को कंठ के स्वास नली में केंद्रित करेंस्वास लेते समय सांस नदी को स्पष्ट करते हुए भीतर जाए और छोड़ते समय भी उसी प्रकार स्पर्श करते हुए बाहर आएं इससे श्वास गहरा और दीर्घ होता है स्वास्थ्य को ग्रहण करते समय पेट फुलाए छोड़ते समय पेड़ सीकोड़े धीरे-धीरे लंबा गहरा और लय मैं सांस ले जितने समय में लंबा गहरा और धीमी गति से श्वास लें उतना ही समय में धीमी गति से धीरे-धीरे श्वास को बाहर छोड़ेंयही क्रिया लगातार करें लैब वृद्ध स्वास्थ्य मन को एकाग्र और शरीर को स्वस्थ बनाता है। ...
तुलसी एक फायदे अनेक
तुलसी इसी कारण घर-घर में इसका पौधा लगाया जाता है और पूजा भी की जाती है इसको हिंदी में तुलसी तथा गुजरात महाराष्ट्र बंगाल तमिलनाडु अरब में भी तुलसी के नाम से ही जाना जाता है वैसे इसे हरी प्रियायह सभी हिंदुओं की पूज्य भी हैमाधवी और वृंदा के नाम से भी जाना जाता है इस की 60 जातियां होती है प्रचार प्रकार की सूची मुख्य है। (१) रामा तुलसी। (२) श्यामा तुलसी (३) वन तुलसी। (४) मार बब्बद। (रासायनिक गुण) इसमें एक उड़न सील तेल पाया जाता है जिसका औषधि उपयोग होता है कुछ समय रखा रहने पर यह जम जाता है इसे तुलसी कपूर भी कहते हैं। इसमें किलोल तथा एलके लाइट भी पाए जाते हैं...
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