Arogya

स्वस्थ रहने के लिए हम क्या करें स्वस्थ रहने के लिए सौर ऊर्जा से पहले उठना चाहिए ऐसा करने से शरीर निरोगी रहता है और बुद्धि विकसित होती है जगने के साथ बिस्तर से एकदम ना उठे शांति से सुस्ती दूर करें और चार पांच बार दोनों हथेली आपस में रगड़ कर उसका दर्शन करते हुए यह श्लोक बोले कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ए सरस्वती कर मूले सब तो ब्रह्मा वृत्ति कर दर्शनम् शौच के बाद कुल्ला दातुन करें नीम की दातुन लाभकारी होती है चाय कॉफी की जगह गाय का दूध पी ले सकते में कम से कम एक बार पूरे शरीर की मालिश करें प्रतिदिन नित्य रूप से स्नान करें सुबह शाम 5:00 6 किलोमीटर चलना टहलने के लिए अच्छा वैराम हो जाता है किसी बाग ओपन नदी के किनारे टहलना अधिक लाभदायक है आधा घंटा तैरने से भी व्यायाम हो जाता है धूप ताजी हवा साफ पानी और सा पौष्टिक भोजन करने से के लिए जरूरी है खुली ताजी हवा से प्राण शक्ति बढ़ती है स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का विकास होता है इसलिए पहले शरीर को स्वस्थ रखे निरोगी व्यक्ति सदा सुखी रहता है निरोगी वही रहता है जो सच होता है तेज रोशनी से आंखों को नुकसान पहुंचता है स्वाद के लिए नहीं स्वास्थ्य के लिए भोजन करना चाहिए जीने के लिए खाएं खाने के लिए भोजन शांतिपूर्ण धीरे-धीरे पानी तेजी से एक साथ धीरे धीरे धीरे किए जाएंगे हल्का और जल्दी ऐसा भोजन करें गलियां सी चीजें ना खाएं इसके खाने से रोग होते हैं भोजन के 5 घंटे बाद ही फिर हल्का आहार लें फिर 5 घंटे बाद दोबारा भोजन करें सुबह-शाम भोजन के बीच 10 घंटे का अंतर रखें मध्य में हल्का सुपाच्य पदार्थ व फल आदि ले सकते हैं भोजन के समय कम से कम पानी पिए भोजन के आधे घंटे बाद ही पानी पीना चाहिए खूब गरम गरम खाने से दांत आ सकती दोनों की हानि होती है हमेशा शांत और कम बोलने की आदत डालें जरूरी हो उतना ही बोले चिंता से हानि होती है किंतु चिंतन से बुद्धि का विकास होता है आंखों में काजल लगाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है हफ्ते 10 दिन में कानों में सरसों का तेल डालनी चाहिए बीच में डालना चाहिए आने पर ही सोना चाहिए देखने वालों को लोगों को आमंत्रित करना पड़ता है सोने के साथ शाम को साफ सुथरा रखें मच्छरों से दूर रहे भयंकर होते हैं अगरबत्ती कपूर चंदन का घरों के लिए करें सदा संतुष्ट रहें अच्छे विचारों को अपने जीवन में उतार कर अपना जीवन सुधार ले

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स्नान द्वारा अपने रोग सही करना। (१) स्नान निद्रा दा और श्रम थकावट को दूर करता है (२) शरीर के पसीने खुजली प्यास को मिटाता है। (३) हृदय के लिए हितकर तथा मल नाशक है। (४) स्नान करने से शरीर की सभी 11 इंद्रियां शुद्ध हो जाती हैं। (५) स्नान से झपकी आना और बुरे विचार नष्ट हो जाते हैं। (६) स्नान करने से शरीर की दृष्टि होती है तथा स्नान से पुरुष शक्ति की वृद्धि होती है (७) स्नान अशुद्ध रक्त को शुद्ध करता है। (८) स्नान करने से पाचन क्रिया सही रहती है।

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