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कुछ रोग और उसके उपचार आयुर्वेदिक तरीके से

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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में आधा सिर दुखना आम बीमारी हो गई है उसका एक उपचार है जो बहुत ही सरल है।                                                                                                                (१ )आधासीसी (आधा सिर दुखना)# शुद्ध देसी घी और चीनी में बनी हुई जलेबी रात को कांसे के बर्तन में दूध में भिगो ना चाहिए रात भर से छत पर रखना चाहिए जिससे चंद्रमा की किरणें उस पर पड़े प्रातः स्नान कर अधिकार अनुसार संध्या पूजा के पश्चात भगवान को निवेदन करके जितनी वह हजम हो सके खानी चाहिए इससे आपका आधासीसी का दर्द एकदम से खत्म हो जाएगा।                                               ...

तुलसी एक फायदे अनेक

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तुलसी इसी कारण घर-घर में इसका पौधा लगाया जाता है और पूजा भी की जाती है इसको हिंदी में तुलसी तथा गुजरात महाराष्ट्र बंगाल तमिलनाडु अरब में भी तुलसी के नाम से ही जाना जाता है वैसे इसे हरी प्रियायह सभी हिंदुओं की पूज्य भी हैमाधवी और वृंदा के नाम से भी जाना जाता है इस की 60 जातियां होती है प्रचार प्रकार की सूची मुख्य है।          (१) रामा तुलसी।    (२) श्यामा तुलसी (३) वन तुलसी। (४) मार बब्बद।                                                                                                              (रासायनिक गुण) इसमें एक उड़न सील तेल पाया जाता है जिसका औषधि उपयोग होता है कुछ समय रखा रहने पर यह जम जाता है इसे तुलसी कपूर भी कहते हैं। इसमें किलोल तथा एलके लाइट भी पाए जाते हैं...

सरसों से जिए बरसो

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रोजमर्रा की जीवन में सरसों का तेल प्रयोग प्रयोग किया जाता है सब्जी के साथ ही सरसों के तेल को बालों में लगाने शरीर में मालिश करने में भी काम में लाया जाता है पाया गया है कि सरसों के तेल में कई गुण होते हैं शुद्ध सरसों का तेल अत्यंत लाभदायक होता है सरसों के तेल की कुछ उपयोगिता इस प्रकार देखी जा सकती हैं।                                                                                                                  (१)# शरीर पर मालिश करने से यह शक्ति प्रदान करता है और शरीर को मजबूत बनाता है सरसों के तेल में लहसुन गर्म करके इस के मिश्रण से बच्चों पर मालिश करनी चाहिए इससे बच्चों की त्वचा अच्छी होती है और हड्डियां मजबूत होती हैं और निमोनिया की शिकायत नहीं होती।              ...

प्राणायाम

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       स्वास को गहरा और लंबा करें धीरे-धीरे श्वास लें धीरे-धीरे श्वास छोड़ें अपने चित्त को कंठ के स्वास नली में केंद्रित करेंस्वास लेते समय सांस नदी को स्पष्ट करते हुए भीतर जाए और छोड़ते समय भी उसी प्रकार स्पर्श करते हुए बाहर आएं इससे श्वास गहरा और दीर्घ होता है स्वास्थ्य को ग्रहण करते समय पेट फुलाए छोड़ते समय पेड़ सीकोड़े  धीरे-धीरे लंबा गहरा और लय मैं सांस ले                                                                                                      जितने समय में लंबा गहरा और धीमी गति से श्वास लें उतना ही समय में धीमी गति से धीरे-धीरे श्वास को बाहर छोड़ेंयही क्रिया लगातार करें लैब वृद्ध स्वास्थ्य मन को एकाग्र और शरीर को स्वस्थ बनाता है।                  ...

फूलों द्वारा रोगों का निदान

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फूल हमारे लिए बहुत ही उपयोगी है फूलों की सुगंध का मस्तिष्क ह्रदय आंख कान तथा पाचन क्रिया आदि पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है इससे थकान बहुत जल्दी दूर हो जाती हैसुगंध से की गई उपचार प्रणाली को अरोमा थेरेपी कहते हैं आजकल यह बहुत ही प्रसिद्ध है यहां कुछ फूलों के बारे में और उसके उपयोग के बारे में मैं आपको बताने जा रहा हूं जिसे कर कर आप अपने लोगों को अपने शरीर से दूर भगा सकते हैं।                                                                                                                      गुलाब_गुलाब का फूल सुंदरता स्नेह और प्रेम का प्रतीक है इसका गुलकंद रेचक है जो पेट और आंतों की गर्मी को शांत करता है हेड दे को बहुत अच्छे से रखता है गुलाब जल से आंखें धोने से आंखों की लाली सूजन उसकी नेत्र अच्छी हो जा...

मृत्यु काल निकट आने के कौन-कौन से लक्षण हैं इसका वर्णन (१) यदि अकस्मत शरीर सब ओर से सफेद या पीला पड़ जाए और ऊपर से कुछ लाल दिखे तो यह जानना चाहिए कि उस मनुष्य की मृत्यु 6 महीने के भीतर हो जाएगी। (२) जब मुंह कान नेत्र जी हां का स्तंभनहो जाए तब भी 6 महीने के भीतर ही मृत्यु जानी चाहिए। (३)जब सूर्य चंद्रमा या आदमी के अध्यक्ष से प्रकट होने वाले प्रकाश को मनुष्य नहीं देखता उसे सब कुछ काला काला अंधकार रूप दिखाई देता है तो उसका जीवन 6 माह से अधिक नहीं होता। (४)जब मनुष्य का बाया हाथ लगातार 1 सप्ताह तक फड़फड़ा रहे तब उसका जीवन एक मास हीऔर तालुसूख जाए तब वह मनुष्य एक मास तक ही जीवित रहता है। ( ५) जिनकी जीभ फूल जाए और दांतो से मवाद निकलने लगे उसकी भी 6 महीने के भीतर मृत्यु हो जाती है (६)जल तेल घी तथा दर्पण में भी जब अपनी परछाई ना दिखाई दे या विकृति दिखाई दे तब कालचक्र के ज्ञाता पुरुष को यह जान लेना चाहिए कि उसकी मृत्यु 6 मार्च के अधिक से नहीं है। (७) जब मनुष्य को चंद्र मंडल एवं सूर्य मंडल आभा हीन लाल दिखाई दे तब आधे माह में ही मनुष्य की मृत्यु हो जाती है। (८)महायान चंद्रमा इन्हें जो ना देख सके अथवा जिससे तारों का दर्शन ना हो ऐसा पुरुष एक माह तक जीवित रहता है।

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एक ऐसा फल जो रोगों में लड़ने वाला महा योद्धा है

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(१) केला मोटापा नहीं बढ़ाता केले में सोडियम बहुत कम होता है तथा कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल नहीं होता है आता डाइटिंग करने वाले इसका सेवन कर सकते हैं।  (२) केले का नियमित सेवन अनिद्रा और कब्ज दूर करके पेशाब की जलन मिटाता है।                        (३) केला नेत्र रोग मिटाने वाला होता है।                  (४) केले में फास्फोरस ज्यादा रहता है जो मन मस्तिष्क को शक्ति प्रदान करता है।                        (५)केले के छिलके के अंदर वाला पतला मुलायम रेशा कब्ज दूर करके आंतों को ठीक रखता है।          (६) यह एकमात्र फल है जो पेट के जख्म के रोगियों को दिया जाता है।                                               (७) यह पेट का अल्सर भी दूर करता है।              ...